शिरडी में मेरे बाबा के चल कर के जो आ गया

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शिरडी में मेरे बाबा के चल कर जो आ गया,

दुःख दूर हुए उसके सब कुछ वो पा गया,

चढ़ के जो तेरी सीडी समाधि पे जो आ गया,

जन्नत का वो नजारा तेरे दर से पा गया,

भटका हुआ मुसाफिर मंजिल को पा गया,

शिरडी में मेरे बाबा के चल कर जो आ गया,

गुण गान करू क्या मैं जग से छिपा भी क्या है,

तुजमे ही राम इसा तुझमे ही वो खुदा,

हर रूप में साई तू जग को लुबा गया,

शिरडी में मेरे बाबा के चल कर जो आ गया,

होते है तेरे चर्चे शरेआम ज़िंदगी में,

शिरडी में या काशी में वस्ता मदीने में,

चन्दर नवी के दिल में कहे समै गया ,

शिरडी में मेरे बाबा के चल कर जो आ गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।