शिवरात्रि का पावन पर्व

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

शिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे,

सुबह सवेरे शिव मंदिर हम जायेगे,

भोले भावना से भोले नाथ को रिजाएगे,

दूध और गंगा जल पिंडी पर चढ़ायेगे,

भांग धतूरा बेल का भोग लगाएंगे,

सुबह सवेरे शिव मंदिर हम जायेगे,

रखेंगे व्रत ध्यान शिव का लगाएंगे,

झूमे गे नाचे गे शिव महिमा गायेगे,

महाकाल से मुक्ति का वर पाएंगे,

सुबह सवेरे शिव मंदिर हम जायेगे,

आज हर शिवालये में आशुतोष आएंगे,

गोरी और गणपति को साथ अपने लाएंगे,

ये झांकी नैनो में आज वसायेगे,

सुबह सवेरे शिव मंदिर हम जायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।