महादेव तीन लोक के तुम हो स्वामी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महादेव महादेव महादेव

तीन लोक के तुम को स्वामी,

जगत पिता पालनहार,

महादेव महादेव महादेव

उनका डमरू डम डम बोले,

अदम निगम के भेद ये खोले,

कर बैल सवारी तुम आना भवपार लगा कर तुम जाना,

महादेव महादेव महादेव महादेव.....

तुझबीण कोई न मेरा सहारा है तन मन धन सब तुझपर वारा है,

अब आ जाओ महादेव देव नचारा तेरा दीवाना है,

महादेव महादेव महादेव ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।