भटक रहे है दर दर हम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भटक रहे है दर दर हम ढूंढ रहे है तुम्हे कदम,

कहा छुपे हो बाबा मुश्किल में हम,

आ भी जाओ वरना रो देंगे हम,

सुना है हमने लाखो पापी तुमने तार दिये,

हारे हुए की साथ की खातिर तुम अवतार लिए

दुनिया करती बहुत सितम जीवन में है गम ही गम,

अपनों को भी भूल चुके अब तो हम,

आ भी जाओ वरना रो देंगे हम,

मेरे मोहन मेरे सांवरियां तू ही आस मेरी,

बन जाएगा बिगड़ा जीवन किरपा हो जो तेरी,

ठोकर ऐसी खाई है संग ना कोई साही है,

तेरे रेहम से पीड़ा जो हो गई कम,

आ भी जाओ वरना रो देंगे हम,

कैसे डूबे नाव हमारी,

तुम जो हो पतवार,

तेरी नजर में रहेंगे अब तो मेरे पालनहार,

खाटू में बस जाना है तुम को अपना माना है,

रक्शा करना तेरे बालक है हम,

आ भी जाओ वरना रो देंगे हम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।