तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नजरो से ऐसा कोई जाम पिला दे,

तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ ,

तेरे प्यार में डूबा रहू कन्हियाँ,

हो आज नज़रो से ऐसा कोई जाम पिला दे,

तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ...

हो आज नजरो से ऐसा कोई जाम पिला दे,

तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ,

आँखों में ऐसी रंगत भर्डे,

ये बिगड़ा मन भी सुंदर करदे,

फिर चारो तरफ ऐसा जलवा दिखादे,

तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ ...

मोह माया ममता अब चले नही अब,

है पाप अनेको बड़े नही अब ,

हो आके पाप मिटा के दिल में भक्ति जगदे,

तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ .....

हो आज नज़रो से ऐसा कोई जाम पिला दे,

तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ

एक अर्ज हमारी सुनोकन्हियाँ,

हम गम के मारे तुम बंसी बजैया,

हो आके बंसी बजाके,

मेरी सुध बिसरादे कन्हियाँ,

तेरी याद में डूबा रहू कन्हियाँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।