कहती है दुनिया तुम्हे अवघड़दानी भोला की मेहरबानी

शाह आलम साँवरिया
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कहती है दुनिया तुम्हे अवघड़दानी,

मुझपे भी कर दो भोला एक मेहरबानी,

मैं भी कांवर लेके आऊं की गंगाजल तुमको चढ़ाऊँ,

बड़े बड़ों की बिगड़ी तुमने बनाया ,

पी के ज़हर सबको अमृत पिलाया,

जटा में रोका तुमने गंगा का पानी ,

मुझपे भी कर दो भोला एक मेहरबानी,

मैं भी कांवर लेके आऊं की गंगाजल तुमको चढ़ाऊँ

भोला का रूप लागे कितना निराला,

गले मे लिपटी है सर्पों की माला,

भक्तों ने तेरे बड़ी महिमा बखानी मुझपे भी कर दो भोला एक मेहरबानी

मैं भी कांवर लेके आऊं की गंगाजल तुमको चढ़ाऊँ

दिलीप कमलेश भोला तेरे दीवाने,

राजेश रंजन तेरी महिमा को जाने,

शाहे आलम साँवरिया भी बोले ये बानी मुझपे भी कर दो भोला एक मेहरबानी

मैं भी कांवर लेके आऊं की गंगाजल तुमको चढ़ाऊँ

गायक - शाह आलम साँवरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।