कीड़ी ने कण हाथी ने मण

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कीड़ी ने कण हाथी ने मण,

सगलो हिसाब चुकावे है,

खाटू माही बैठा संवारा सारा खेल रचावे है ,

जो जल में रवे जीव जंतु वो जल में सब पावे है,

जो रवे है इधर धरती पर बई धरती सु पावे है,

जारी जितनी चौकस हॉवे,

बितनो ही चुगो चुगावें है,

खाटू माही बैठा संवारा सारा खेल रचावे है ,

सरकारा तो देखि धनी पर ये सरकार अनोखी है,

इसे नोट वोट न कुर्सी चाहे भावना चोखी है,

कट पुतला है इन हाथ तारी यही नाच नचावे है,

खाटू माही बैठा संवारा सारा खेल रचावे है ,

बाबुड़ा का भोजन मसली मॉस और हंस तो मोती खावे है,

जैसा है सोबाग जिया का वैसी होली पावे है रंग इक है,

काग कोयलिया वाणी भेद बतावे है,

खाटू माही बैठा संवारा सारा खेल रचावे है ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।