तेरी मेरी कट्टी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन लै बृषभान किशोरी,जो मोते न खेली होरी,

तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,

तू सुन लै नन्द किशोरी,जो मोते न खेली होरी,

तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,

मौसम आया मतवाला है, तू बरसाने की वाला है,

मैं गोरी हूँ तू काला है क्यों करता गड़बड़ झाला है,

मैं लायो रंग कमोरी, तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,,,,,,

मैंने ओड़ी नई चुनरिया है, मत रंग डारे साँवरिया है,

सुन के है जाये वाबरिया है,मेरी बाजे जब बाँसुरिया है,

मेरे संग नाये सखियाँ मोरी, जो तूने करो बरजोरी, तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,,,

मैंने केसर रंग घुलवाया है, होली में दिल तोपे आया है,

मोये मत न समझ अनाड़ी रे, तेरी जानूं सब हुशियारी रे,

तोते बंदी प्रेम की डोरी, जो मोते न खेली होरी,

तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,,,

Pandit Dev Sharma

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।