यूँ ही नहीं पूजते है लोग ज़माने वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यूँ ही नहीं पूजते है लोग ज़माने वाले,

साई बाबा तो है बिगड़ी को बनाने वाले,

यूँ ही नहीं पूजते...

भक्ती करता है तो साई को वसा ले दिल में,

वो ही संकट को तेरे सिर से हटाने वाले,

साई बाबा तो है बिगड़ी को बनाने वाले,

यूँ ही नहीं पूजते...

राम भी कृष्ण भी साई भी समज ले उनको,

बैठे बैठे तुझे स्वर्ग दिखाने वाले,

साई बाबा तो है बिगड़ी को बनाने वाले,

यूँ ही नहीं पूजते...

साई बाबा गज़ब की शान है कोई देखे,

वो तो लँगड़ो को भी है पल में चलाने वाले,

साई बाबा तो है बिगड़ी को बनाने वाले,

यूँ ही नहीं पूजते...

हिन्दू मुस्लिम हो सिख हो या ईसाई हो,

भेद भाव को है साई ही मिटाने वाले,

साई बाबा तो है बिगड़ी को बनाने वाले,

यूँ ही नहीं पूजते...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।