दूध नल भूख सी मिटाई जोगी ने

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॥ पावन पाठ ॥

गोरख दी मंडली रजाई योगी ने दूध नल भूख सी मिटाई जोगी ने,

शक्ति जो अपनी दिखाई जोगी ने,

दूध नल भूख सी मिटाई जोगी ने,

गोरख नाथा नु लेके आया बाबे द्वार सी,

पौना जोगी तैला बैठा दिल विच धार,

बारी ओह्दी इक न चाली जोगी ने,

दूध नल भूख सी मिटाई जोगी ने,

बाल जोगियां जे तू करणियां वाला है,

मोड़ के दिख दे बचा तू साडा तू दुशाला है,

चिमटे दी शक्ति दिखाई जोगी ने,

दूध नल भूख सी मिटाई जोगी ने,

ओहदों तो ही सिद्ध जोगी दूधदारी कहन्दे ने,

मोरा वाला मोरा वाला पौणाहारी कहन्दे ने,

इक ऐसी अलख जगाई जोगी ने,

दूध नल भूख सी मिटाई जोगी ने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।