जेहड़ा छनमन छनमन भजदा

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जेहड़ा छनमन छनमन भजदा एह चिमटा पौणाहारी दा,

जेहड़ा भगता दे हाथ सजदा एह चिमटा पौणाहारी दा,

इस चिमटे दी सिफत निराली,

चिमटे वाला गोआ दा पाली,

जेहड़ा सब दे दुखड़े हरदा,

एह चिमटा सिद्ध जोगी दा......

इस चिमटे दे रूप निराले,

इक धुनें दूजा भगत वजांदे,

जेहरा धुनें दे विच सजदा एह चिमटा कला करि दा,

जेहड़ा छनमन छनमन भजदा एह चिमटा पौणाहारी दा,

इस चिमटे दी शान निराली,

भगता दी करदा रखवाली,

पूरियां मुरादा करदा

एह चिमटा बाबा बालक दा दा......

इस चिमटे दी अजब है माया

जिसदे सिर तो भी घुमाया,

भूत प्रेत भी नस्दा

एह चिमटा सिद्ध जोगी दा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।