लिख लिख के चिठ्ठी भेजू मैं स्वीकार कीजिये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लिख लिख के चिठ्ठी भेजू मैं स्वीकार कीजिये,

कब आयेगी वो शुभ घडी जवाब दीजिये,

जब भी है आता डाकिया मैं पूछता हु रोज,

झूठा दिलासा देता खबर न कोई और,

इस आस में बैठा हु श्याम ध्यान कीजिये,

कब आयेगी वो शुभ घडी जवाब दीजिये,

वो तेरा सिवा न साथी चलता न श्याम जोर,

तेरे नाम के जय कारे गूंजे है चारो और,

हारे का तू सहारा बाबा जान लीजिये,

कब आयेगी वो शुभ घडी जवाब दीजिये,

तड़पता है दिल मेरा मिल ने को है मजबूर,

सच्चा हु मैं भगत तेरा मेरा क्या है कसूर,

बिरहा की आग जल रही भुजा दीजिये,

कब आयेगी वो शुभ घडी जवाब दीजिये,

हाल मेरा सुन लिया बारी है आप की,

भक्तो से सहजि केचरी मेरे श्याम आप की,

सजन मिलन है श्याम से रस्ता तो दिज्ये,

कब आयेगी वो शुभ घडी जवाब दीजिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।