जिनका दिल मोहन की चौखट का दीवाना हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिनका दिल मोहन की चौखट का दीवाना हो गया

इस जहाँ से दूर उनका आशियाना हो गया

बोलो श्याम श्याम श्याम-4

कर लिया दीदार जिसने सांवले सरकार का

बन गया नौकर हमेशा के लिए दरबार का

रोज़ मिलने का प्रभु से ये बहाना हो गया

इस जहाँ से दूर उनका...

ना रही परवाह जगत की और कुछ ना भा रहा

श्याम का श्रृंगार जब आँखों के आगे आ रहा

हल्का सा अंदाज़ उनका आशिकाना हो गया

इस जहाँ से दूर उनका...

सांसों की सरगम थिरकती सँवारे के नाम से

मन के सांसों पर तराने श्याम के बस श्याम के

उनका दीवाना तो संजू ये ज़माना हो गया

इस जहाँ से दूर उनका...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।