डमरू वाला भोला है दिल शिव का दीवाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मन में मेरे शिव ही वसे दिल शिव का दीवाना,

डमरू वाला भोला है दिल शिव का दीवाना,

शिवरात्रि की रात को बाबा आई है,

खुशियों की सौगात लेके आई है,

भोले की बारात में चला शिव दिल का दीवाना,

डमरू वाला भोला है दिल शिव का दीवाना,

नंदी पर चढ़ के भोले आये अपने सभी जनो को साथ में लाये है,

मस्ती का ये समै सुहाना दिल शिव का दीवाना,

डमरू वाला भोला है दिल शिव का दीवाना,

शुभ घडी गोरा के घर भी आई है,

गोरा मेरी शम्भू के संग व्याही है,

खुशियों का लूटो खजाना दिल शिव का दीवाना,

डमरू वाला भोला है दिल शिव का दीवाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।