जब कोई तकलीफ सताए जब जब मन घबराता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब कोई तकलीफ सताए जब जब मन घबराता है

मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया सर पे हाथ फिराता है

लोग ये समझे मैं हूँ अकेला मेरे साथ कन्हैया है

लोग ये समझे डूब रहा में चल रही मेरी नैया है

जब जब लहरें आती है ये खुद पतवार चलाता है

मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया...

जिनके आंसूं कोई ना पोछें कोई ना जिनसे प्यार करे

जिनके साथ ये दुनियां वाले मतलब का व्यव्हार करे

दुनियां जिसको ठुकराये उसे ये पलकों पे बिठाता है

मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया...

प्रेम की डोर बंधी प्रीतम से जैसे दीपक बाती है

कदम कदम पर रक्षा करता ये सुख दुःख का साथी है

‘संजू’ जब रस्ता नहीं सूझे प्रेम का दीप जलाता है

मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।