श्याम खाटू से घर कब आओगे तुम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे खाटू के राजा कभी आओगे तो,

आया फागुन का मेला कभी आओगे तुम,

मैंने घर को सजाया कभी आओगे तुम,

चले आ श्याम चले आ,

खाटू में आके मेरी ये आंखे,

श्याम से मिल कर पूछ रही है,

श्याम खाटू से घर कब आओगे तुम,

मेरे खाटू के राजा कभी आओगे तो,

फागुन में आके निशान चढ़ा के तुम को देखा,

बस यही पूछा ,

श्याम खाटू से घर कब आओगे तुम,

मेरे खाटू के राजा कभी आओगे तो,

क्या है भरोसा इस दुनिया का,

लोग मुझे ये पागल कह जाये,

परवीन सेठी को कब तारो गे तुम,

श्याम खाटू से घर कब आओगे तुम,

मेरे खाटू के राजा कभी आओगे तो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।