स्वासों को खोना ना अनमोल ख़जाना है

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

स्वासों को खोना ना अनमोल ख़जाना है,

हर स्वास में राम जपो अगर राम को पाना है,

कई जन्मो के अच्छे कर्मो से मिला नर तन,

विषयो के भोगो में बेकार न कर जीवन,

पल पल जो बीत गया नहीं लौट के आना है,

स्वासों को खोना ना अनमोल ख़जाना है

बन दुखियो का साथी बन जायेगा वो तेरा,

तेरे जन्म मरण का भी काटे गा वही फेरा,

मंजिल को पायेगा तुझको यहाँ जाना है,

स्वासों को खोना ना अनमोल ख़जाना है

सुनता सदा उसकी जो दिल से पुकारेगा,

रेहमत की नजरो से इक दिन वो निहारे गा,

भटकी हुई नैया को पार उसी में लगाना है,

स्वासों को खोना ना अनमोल ख़जाना है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।