बाबा हमारे हो तुम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा हमारे हो तुम,

ये मेरा मुकदर तुम्ही ने सवारा तुम्ही पे है निर्भर ये जीवन हमारा,

हां प्राणो से प्यारे हो तुम,

बाबा हमारे हो तुम...

सदा बन के साया मेरे संग चला है,

मैं गबराया जब भी दिया होंसला है,

ना झुकने दिया सिर कभी जग के आगे,

हो कैसा भी संकट सदा ही टला है,

कभी मन हो व्याकुल समज कुछ न आये,

कभी राह में कदम ढ़ग मगाये तो देते इशारे हो तुम,

बाबा हमारे हो तुम,....

यहाँ उगते सूरज पे दुनिया फ़िदा है,

तू डूबे को तारे ये तेरी अदा है,

तू निर्बल का बल है तू हारे का साथी,

तेरी किरपा बाबा यहां से जुदा है,

तू जरे को पल में फलक या बिठाये असंभव को सम्भव तू करके दिखाये,

जमाने से न्यारे हो तुम,

बाबा हमारे हो तुम,

कभी बनके बाबुल सही रह दिखाई,

रखी लाज मेरी कभी बनके भाई,

कभी प्यार माँ का कभी तुम सखा से,

हर रिश्ते की झलक तुम में पाई,

ये रजनी कहे इस ज़मीन अस्मा से.

कहे गर्व से सोनू सारे यहां से इन आँखों के तारे हो तुम,

बाबा हमारे हो तुम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।