राहों पे नज़र रखना होठों पे दुआ रखना

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राहों में नज़र रखना, होठों पे दुआ रखना

आ जाये प्रभु शायद, दरवाज़ा खुला रखना

भूलूँ ना कभी पल भर मैं नाम तेरा भगवन

चरणों में सदा अपने मेरे मन को लगा रखना

राहों में नज़र रखना...

क्यों भव में भटकने की देते हो सजा सबको

दुस्वार है पल भर भी तेरे रहम बिना रहना

राहों में नज़र रखना...

छण भंगुर मानव तन बड़े भाग्य से पाया है

कहीं पतित ना हो जाये प्रभु चरण शरण गहना

राहों में नज़र रखना...

सुन दुर्लभ मानव तन बड़े भाग्य से पाया है

कहीं व्यर्थ ना हो जाए सत्कर्म किये रहना

राहों में नज़र रखना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।