कन्हैय्या को एक रोज रो कर पुकारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हैय्या को एक रोज रो कर पुकारा,

कहा उनसे जैसा हूँ अब हूँ तुम्हारा

वोह बोले की किया क्या दुनिए में आकर

मैं बोला की अब भेजना मत दोबारा

वोह बोले की साधन किये तुने क्या क्या

मैं बोला किसे तुमने साधन से तारा

वो बोले परेशान हूँ तेरी बहस से

मैं बोला की कह दो तू जीता मैं हारा

वोह बोले जरिया तेरा क्या है मुझ तक

मैं बोला की दृग बिंदु का है सहारा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।