मंदिर जाती मीरा ने सांवरियो मिल गयो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जादू कर गयो जादू कर गयो रे,

मोहन ताहि जादू कर गयो रे,

मंदिर जाती मीरा ने सांवरियो मिल गयो रे,

मोहन ताहि जादू कर गयो रे,

राणो मीरा से बतलावे के हो गयो थाने क्यों न बतावे,

फीका पड़ गया नैन फर्क भोली में पड़ गयो रे,

मोहन ताहि जादू कर गयो रे,

आज मिलो म्हणे बनवारी पल पल जाऊ मैं बलिहारी,

चुरा लिया महारा नैन के दिल पे ताला जड़ गयो री,

मोहन ताहि जादू कर गयो रे......

राणो मीरा ने समजावे बड़ा घरा की रीत बतावे,

पुलके लगा दियो दाग पति जीवत मर गयो रे,

मोहन ताहि जादू कर गयो रे...

मनमोहन है पति हमारो सारे जग को है रखवारो,

कहता राधे श्याम मीरा ने मोहन मिल गाइयो री,

मोहन ताहि जादू कर गयो रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।