बड़ा मन भावे रे मगन मन गावे रे

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बड़ा मन भावे रे मगन मन गावे रे,

राम के नाम का प्याला पी के मिलता है आराम,

सुदा बरसावे रे बड़ा मन भावे रे,

बोले पंक्षी पपीहा बोले लहरे नदियां करु वर डोले,

गूंज रहा है धरती अमबर में बस एक ही नाम,

कोयलियाँ गावे रे बड़ा मन भावे रे,

बोले अम्बर साथ समंदर,

गूंज रहा है धरती अम्बर,

सेन और कुलदीप बस जपते सुबहो शाम न गम कभी आवे रे,

बड़ा मन भावे रे मगन मन गावे रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।