हम भी खड़े तेरे दवार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी नजर हो जो इधर इक बार हम भी खड़े तेरे दवार,

रखले भरम करदे कर्म इक बार हम भी खड़े तेरे दवार,

क्या से क्या हो गई है हालत लोग दीवाना पन कहते है,

तुझको क्या बतलाऊ मैं साई आँखों से साई आंसू बहते है,

मेरा तू करदे बेडा पार ओ साई हम भी खड़े तेरे दवार.

दुनिया की क्या चाहत रखु मैंने महोबत तुमसे की है,

तू चाहे न चाहे मुझको साई वो तेरी मर्जी है,

करता तू सबका उधार ओ साई हम भी खड़े तेरे दवार.

चैन सकू मिलता है सब को साई तेरे दरबार में,

पार लगा दे सब को साई जो भी फसे मजधार में,

तुझको है साई सबसे प्यार, ओ बाबा हम भी खड़े तेरे दवार.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।