शीश दे दिया दान में

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले की दया का बाजे सारे जगत में डंका,

शीश दे दिया दान में

खाटूवाले की महिमा पे करना न कभी शंका,

सारा जग र रहा है सुमिरन खाटूवाले का,

शीश दान दे डाला संसार के उदार के लिया ,

खाटूवाले बाबा निराले है बड़े भोले भाले है,

पल झोली बरने वाले है ,

बाबा खाटूवाले तू ही जाने भगतो के मन की पीड़ा ,

बाबा महिमा न तेरी किसी ने भी जानी,

तूजसे बड़ा कोई न दानी,

खाटूवाले बाबा निराले है बड़े भोले भाले है,

पल झोली बरने वाले है,

सारा जग गाये तेरी महिमा

तू देव बड़ा दयालु भगतो का रखवाला

कहते गुरु आलू सिंह प्रभु का सच्चा दुवारा है

जो सच्चे मन से दयावे उस का बेडा पार है

कहता दास अविनाश बाबा बाबा तुम हारे को हो सहारे

हारा कभी दर से जाये ना खाली बरते तू उस की झोली

खाटूवाले बाबा निराले है बड़े भोले भाले है,

पल झोली बरने वाले है

जय श्री श्याम

लेखक अविनाश शर्मा

अलवर राजस्थान

बाबा के आशीर्वाद से यह ३भजन है न कोई लेखक हु न कोई गायक बाबा लिखवाते है हम लिख लेते है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।