बाकि सब शिव देखे गे तू

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ध्यान रखेगे शिव तेरा तू शिव का ध्यान लगाये जा,

बाकि सब शिव देखे गे तू शिव शिव शिव गाये जा,

ध्यान रखेगे शिव तेरा तू शिव का ध्यान लगाये जा,

जब मन होगा तेरा शिवाला तब शिव दर्श दिखाए गे,

अलख नीरजन भव भये बंजन कवज तेरा बन जायेगे,

शिव सुमिरन का अमृत पी कर मन की प्यास भुजाये जा,

बाकि सब शिव देखे गे तू शिव शिव शिव गाये जा,

ध्यान रखेगे शिव तेरा तू शिव का ध्यान लगाये जा,

तू ही शिव का हो न पाया शिव तो युगो से तेरे है,

आती जाती इन सांसो में शिव शम्बू के डेरे है,

अपनी श्रदा का गंगा जल शिव पिंडी पड़ चढ़ाये जा,

बाकि सब शिव देखे गे तू शिव शिव शिव गाये जा,

ध्यान रखेगे शिव तेरा तू शिव का ध्यान लगाये जा,

शिव भक्ति पथ शिव मुक्ति पथ शिव ही तारण हारे है,

क्या तेरे क्या मेरे बंधू शिव ही पालनहारे है,

बात है जो समजाई मैंने तू सब को समजाये जा ,

बाकि सब शिव देखे गे तू शिव शिव शिव गाये जा,

ध्यान रखेगे शिव तेरा तू शिव का ध्यान लगाये जा,

शिव जैसा कोई मीत नहीं है शिव जैसा कोई गीत नहीं,

शिव लेहरी से ज्यादा पावन और कोई संगीत नहीं,

इस लेहरी में लहर तू मन की आठो याम मिलाये जा,

बाकि सब शिव देखे गे तू शिव शिव शिव गाये जा,

ध्यान रखेगे शिव तेरा तू शिव का ध्यान लगाये जा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।