आजा बाला जी हनुमान तने तेरे भगत भुलावे से

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आजा बाला जी हनुमान तने तेरे भगत भुलावे से.

कलयुग अपना जोर जमावे,

आलास ने मानव चावे,

हो रहा खुदगरजी इंसान तने तेरे भगत भुलावे से.

आजा बाला जी हनुमान तने तेरे भगत भुलावे से.

ऐसा टाइम आ गया गन्दा,

मोह माया में फस गया बंदा,

ना रहा भक्ति में ध्यान तने तेरे भक्त भुलावे से,

आजा बाला जी हनुमान तने तेरे भगत भुलावे से.

धर्म कर्म का बोल नहीं से,

झूठी और बेईमान सही से,

जिनकी ऊंची होर रही शान तने तेरे भक्त भुलावे से,

आजा बाला जी हनुमान तने तेरे भगत भुलावे से.

केहड़ी कर्मवीर ने सारी,

मरघट ऊचा जा बलकारी,

काटे शुभम के कास्ट सारे तने तेरे भक्त भुलावे से,

आजा बाला जी हनुमान तने तेरे भगत भुलावे से.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।