अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना,

तन छोड़ ने से पहले दर्शन मुझे दिखाना,

अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना,

नैनो में हो छवि तेरी होठो पे नाम तेरा,

कानो में गूंजे मुरली आये जब अंत मेरा,

उस वक़्त मेरे मन से विषयो को तू हटाना,

अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना

जब आत्मा का पंक्षी पिंजरे में फड़फड़ाये,

परमात्मा मिलन की चाहत में झटपटाये,

मेरी चित को माया मोह की फंदे से तू छुड़ा लो.

अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना

गीता की श्लोक सुन कर प्राणो का विसर्जन हो,

तुलसी की पतियों से अंतिम घडी सुगम हो,

मिले मुक्ति मुझको मोहन तू गंगा जल पिलाना,

अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना

मुझे बाँधने को माधव यमराज न पधारे,

मेरे प्राण तुजमे रमके गो लोक को सिधारे,

मेरे पार धीव तन को अग्नि तुम ही दिखाना,

अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना

तूने ही इस मनुज को जीवन की दी है शिक्षा,

तेरी गोद में मरण हो अंतिम यही है ईशा,

देखु गी रास्ता मैं मुझको न भूल जाना,

अंतिम क्षणों में कान्हा राधा के साथ आना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।