मन उलझन मे फंस जाये तो खाटू चलो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन उलझन मे फंस जाये तो खाटू चलो,

संकट से जी गबराये तो खाटू चलो,

जग का पालनहार वही है,

सब का लखदातार वही है,

कोई बात समज न आये तो खाटू चलो,

मन उलझन मे फंस जाये तो खाटू चलो

इस दुनिया में कोई किसी के साथ में चलता नहीं पर चलना चाहिये,

एहम में डूभ के कोई किसी के आगे झुकता नहीं पर झुकना चाहिये,

पल दो पल का सारा जीवन आपस में काहे की उल्जन कर भुधि ये भरमाये,

तो खाटू चलो....

अपने अपने कर्मो का फल सब को मिलता यहाँ ये सारे जान लो,

उसके आगे किसी की भी सत्ता नहीं चलती याहा ये सारे मान लो,

हर बंदे पर उसकी नजर है वो सब के मन के अंदर है,

फिर भी मन बाज ना आये तो खाटू चलो,

छोड़ के सारे गोरख धंदे जप ले श्याम का नाम वो भला करेंगे,

तेरी हर मुश्किल में तेरे साथ में खाटू श्याम सदा चलेंगे,

शर्मा मान ले इतना कहना बाद में मत केशव से कहना,

कोई झूठ तुझे बहकाये तो खाटू चलो ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।