आजा जोगियां झंडा चढ़ाऊँ लगे तेरा

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आजा पौनहारियाँ आजा दुधाधारियां,

करदे दूर हनेरे सारे रख ले मान आज मेरा,

आजा जोगियां झंडा चढ़ाऊँ लगे तेरा,

गोआ वालेया झंडा चढ़ाऊँ लगे तेरा,

लाल रंग दे झंडे उते सोहना गोटा लाया,

रीजा दे नाल जोगी तेरा भगता रोट बनाया,

आसा मेरियाँ पूरियां करदे पा भगता घर फेरा,

आजा जोगियां झंडा चढ़ाऊँ लगे तेरा,

सारे जग तो सिद्ध जोगियां तेरी शान निराली,

आज दिन आया चावा वाला ख़ुशी न जाये संभाली,

चेत महीने मेला लगया सजाया है दर तेरा,

आजा जोगियां झंडा चढ़ाऊँ लगे तेरा,

हर साल तेरी चौंकी लाये दिल विच आन तमना,

आज जे आवे मोर सवारी ता मैं तनु मना,

हरिंदर उगी /आशु सिंह नु दर्श दिखा दे तेरे वाजो केहड़ा मेरा,

आजा जोगियां झंडा चढ़ाऊँ लगे तेरा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।