तू तो डूबा हुआ तर जायेगा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तू तो डूबा हुआ तर जायेगा

मुख से राम राम राम राम गायेगा

तू ना कर किसी की बुराई

कौन देगा एह झूठी गवाही

रब पुछेगा क्या बतलायेगा

मुख से........

पशु मरके भी सो काम आये

तेरा तन भी भसम हौ जाये

तेरा नामों निशान मिट जायेगा

मुख से.......

मेरी नैया भवर में डोले

फिर भी मुख से तू राम ना बोले

तू अन्त सम्हे पछतायेगा

मुख से........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।