कलिका दर्शन देदो

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हथ जोड़ खड़ा माँ तेरे द्वार लेके श्रदा दे फूल हार,

माँ तेरा देखने नु दर्श दीदार कलिका दर्शन देदो,

हथ जोड़ खड़ा माँ तेरे द्वार लेके श्रदा दे फूल हार,

दुर्गा आत भवानी तू है शिव शक्ति महारानी तू है,

काली तू कल्याणी तू है तू ही सच्ची सरकार,

कलिका दर्शन देदो.......

रक्त बीज नु मारन वाली दुभ्दी वेहड़ी तारण वाली,

पाप दी गागर जद भर जावे लेंदी माँ अवतार,

कलिका दर्शन देदो..........

जग जनि कलकत्ते वाली विच पट्याले दी माँ शान निराली,

दास भी मैया गुण तेरा गावे दे चरना दा प्यार,

कलिका दर्शन देदो.............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।