देव महादेव निराले है बड़े भोले भाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देव महादेव निराले है बड़े भोले भाले,

पल में वर देने वाले,

शिव की दया का बाजे जगत में डंका,

दान में देदी देखो सोने की लंका,

शिव महिमा पै कभी करना न शंका,

देवो ने पाया ये फल शिव सुमिरन का,

अमृत बांटा पिये विष के प्याले,

देव महादेव निराले है बड़े भोले भाले,

पल में वर देने वाले,

बाबा बर्फानी ओगडदानी तू ही जाने भोले तेरी राम कहानी,

महिमा न तेरी किसी ने भी जानी,

तूजसे बड़ा कोई योगी न ग्यानी,

कॉल गले में भोले काल नाग डाले,

देव महादेव निराले है बड़े भोले भाले,

पल में वर देने वाले,

शिव के शिव न को पार लगाए,

मोक्ष का रास्ता शिव ही दिखाए,

रोग ये तीनो शिव में समाये,

जपता जा ॐ नमः शिवाये,

शिव का लिखना कोई भी टाले

देव महादेव निराले है बड़े भोले भाले,

पल में वर देने वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।