सुन अब तो जगा दे मेरा भाग सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन अब तो जगा दे मेरा भाग सांवरे

बाबा सोया है कहाँ तूं अब जाग सांवरे

तेरे संग जीना तेरे संग मरना

मेरी तुझ से ही लग रही लाग सांवरे

मेरी अँखियों में तेरी तस्वीर है, तस्वीर है

मेरा दिल तो तेरी जागीर है, जागीर है

तेरे संग जीना तेरे संग मरना

तेरे चरणों में रख दी है पाग सांवरे

सुन अब तो जगा...

मेरी कोई नहीं करता सुनायी रे, हां सुनायी रे

तेरे सिवा कोई दे दिखाई रे, ना दिखाई रे

तेरे संग जीना तेरे संग मरना

मेरे लग नहीं पावे कहीं दाग सांवरे

सुन अब तो जगा...

एक तूं ही तो सहारा है गरीब का, है गरीब का

'पप्पू शर्मा' भी तो है तेरे करीब का, है करीब का

तेरे संग जीना तेरे संग मरना

अब तेरे संग खेलूंगा में फाग सांवरे

सुन अब तो जगा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।