छानमं करदी गली दे विचो निकली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

छानमं करदी गली दे विचो निकली,

मैया जी दी पालकी सुनहरे रंग दी,

हाथ कडवा गंगा जल पानी,

चरन धुलावन मैं निकली,

छानमं......

हाथ कटोरी केसर कोली,

तिलक लगावण मैं निकली,

छानमं.......

हाथ में थाली भोजन वाली,

भोग लगावण मैं निकली,

छानमं.......

हाथ मेरे विच दिया और बाती,

ज्योत जगावन मैं निकली,

छानमं.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।