श्याम तेरे खाटू में आजीवन कारावास

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसा गुनाह करा की मुकदमा आये तेरे पास हो

साँवरिया तेरे खाटू में आजीवन कारावास हो

छोड़ तेरे मंदिर की सीमा बहार निकल सकूँ ना

कमरा ऐसा फिक्स करा दे,कमरा बदल सकूँ ना

इतना करना कमरा मेरा बिलकुल मंदिर के पास हो

साँवरिया तेरे खाटू में आजीवन कारावास हो

मेरे गुनाहों में साँवरिया परिवार मेरा शामिल हो

दया नहीं करना उनको भी यही सजा हासिल हो

भाग ना जाए सबके ऊपर निगरानी तेरी ख़ास हो

साँवरिया तेरे खाटू में आजीवन कारावास हो

रोज पड़े तेरे मंदिर में तेरे सामने पेशी

मुझको देख दया आ जाये हालत हो जाए ऐसी

इक दिन कैदी से बन जाऊं मैं श्याम का दास हो

साँवरिया तेरे खाटू में आजीवन कारावास हो

काम काज और चाल चलन से जिस दिन मिले रिहाई

बनवारी दरबार से जब तू देने लगे बिदाई

खाटू से निकलने से पहले निकले मेरे सांस हो

साँवरिया तेरे खाटू में आजीवन कारावास हो

ऐसा गुनाह करा की मुकदमा आये तेरे पास हो

साँवरिया तेरे खाटू में आजीवन कारावास हो

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।