जिथे साड़ी लगी आ तू लगी रेहन दे

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिथे साड़ी लगी आ तू लगी रेहन दे,

लोकी कहन्दे मन्दी एह ते मन्दी रेहन दे,

अगर मान जाता मनाने से कोई,

ना करता शिकायत जमाने से कोई,

आखो से मेरी ये सागर ना छलके ,

अगर बाज आता पिलाने से कोई,

ना करता कभी याद कोई किसी को,

अगर भुल जाता भुलाने से कोई,

ये सताये हुये लोग सताये ना जाते,

अगर बाज आता सताने से कोई,

अगर आना उनको तो वो खुद ही आयेंगे,

नही कोई आता बुलाने से कोई,

साडे इक वारि आजाओ रंगीले रसिया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।