मेरे बाबा झोपड़ी देखन में के जाय

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण मंत्र खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

परिचय:

एक भोला भगत बाबा श्याम के खाटू मंदिर में जाकर उन्हें अपनी कुटिया में आने का निमंत्रण देता है | इस पर बाबा श्याम ने उस भक्त से कहा - "मुझे खाटू में रहकर कई भक्तों का न्याय करना पड़ता है,अगर मैं तुम्हारी कुटिया में आ गया तो मेरे खाटू में आये भक्तों की सुनाई कौन करेगा?" परन्तु वो भक्त भी कहाँ मानने वाला था,आखिर उस भक्त ने किस प्रकार से बाबा को अपने आँगन में आने पर विवश किया...जरा आप भी सुनिए...

मेरे बाबा...मेरे बाबा...ओ मेरे बाबा...

मत रुकिए दिन दो चार

झोपड़ी देखन में के जाय

झोपड़ी देखन में के जाय...की कुटिया देखन में के जाय

मेरे बाबा...मेरे बाबा...ओ मेरे बाबा...

मत रुकिए दिन दो चार

मेरी कुटिया में गर पाँव धरे

कुण सा महापर एहसान करे

मेरे बाबा...मेरे बाबा...ओ मेरे बाबा...

यो तेरा ही परिवार

प्रेम म्हांसू राखन में के जाय

मेरे बाबा मत रुकिए दिन दो चार

गर भगत तेरी मनुहार करे

कुण सा तेरे सर भार चढ़े

मेरे बाबा...मेरे बाबा...ओ मेरे बाबा...

थोड़ा मंहगा पड़े पकवान

दो रोटी सेकण में के जाय

दो फलका सेकण में के जाय

मेरे बाबा मत रुकिए दिन दो चार

ये भगत तेरे सै प्यार करे

तेरा रोज रोज इन्तजार करे

मेरे बाबा...मेरे बाबा...ओ मेरे बाबा...

तू आ चाहे मत आय

संदेसा भजन में के जाय

मेरे बाबा मत रुकिए दिन दो चार

कुटिया मेरी मज़बूरी सै

तन्नै भी बुलाना जरुरी सै

बनवारी...बनवारी...बनवारी...

मत करिये करीबी भूल

बात या सोचन में के जाय

मेरे बाबा मत रुकिए दिन दो चार

मेरे बाबा...मेरे बाबा...ओ मेरे बाबा...

मत रुकिए दिन दो चार

झोपड़ी देखन में के जाय

संपर्क - +919830608619

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।