सूवटा जा तू खाटू धाम

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सूवटा जा...सूवटा जा...

सूवटा जा तू खाटू धाम

म्हारो ले जा तू पैगाम

उड़ जा उड़ जा रे...

बेगो उड़ जा रे...

जाके कहिये थारी ओल्यू म्हाने आवे बाबा श्याम...

उड़ जा उड़ जा रे...

बेगो उड़ जा रे...

फागण मेलो आयो बाबा

मनड़ो म्हारो तरसै रे

थांसू मिलबां ताईं सांवरा

आंख्यां म्हारी बरसै रे

थारो संदेशो कद आसी बाबा

सेवकिया कै नाम

उड़ जा उड़ जा रे...

बेगो उड़ जा रे...

संग रा साथीड़ा सारा खाटू धाम तो जावै रे

होली खेले साँवरिया सै,मिलकर नाचे-गावै रे

लेकर हाथां में म्हारे श्याम धनि का केसरिया निशान

उड़ जा उड़ जा रे...

बेगो उड़ जा रे...

"सौरभ मधुकर" मन को पंछी खाटू में उड़ जावे रे

रह रह कर के साँवरिया की यादड़ ली सतावे रे

म्हारा सावरिया सरकार से जाके कहिये तू प्रणाम

उड़ जा उड़ जा रे...

बेगो उड़ जा रे...

सूवटा जा तू खाटू धाम

म्हारो ले जा तू पैगाम

उड़ जा उड़ जा रे...

बेगो उड़ जा रे...

जाके कहिये थारी ओल्यू म्हाने आवे बाबा श्याम...

उड़ जा उड़ जा रे...

बेगो उड़ जा रे...

स्वर/गीतकार - सौरभ मधुकर

संपर्क - +919830608619

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।