आई है शिव रात्रि मनवा जप शिव नाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आई है शिव रात्रि मनवा जप शिव नाम,

पार्वती शिव पूजा करने भक्तो चलो शिव धाम,

आई है शिव रात्रि मनवा जप शिव नाम,

शिव विवहा की पावन रात्रि शिव लीला गुण गाये,

पारवती की माह तपस्या पर शिव जी अपनाये,

अर्धांगनी बनी देवी माँ श्रिस्ति करे परनाम,

आई है शिव रात्रि मनवा जप शिव नाम,

पारवती शिव के विवहा पर मन से जो भी मांगो,

इन से आशीर्वाद से मिले जो चाहो वो पाओ,

बड़े ही दानी दाता शम्भू भजमन सुबहो शाम,

आई है शिव रात्रि मनवा जप शिव नाम,

जगजनी जगदबा पारवती जगत पिता त्रिपुरारी,

भक्ति भाव से पूजन करले शिव है मंगलकारी,

शिव चरणों में शीश झुकाओ बने गे बिगड़े काम,

आई है शिव रात्रि मनवा जप शिव नाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।