पलक निहारु छवि तेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम बाबा सुन लो एक अर्ज ये मेरी ,

छोड़ के जाऊ जब दुनियां सांवरे पलक निहारु छवि तेरी,

श्याम बाबा श्याम बाबा,

अंतिम साँस हो जब सांवरियां मुख से ही श्याम निकले,

भुज जाये दीपक जब जीवन का चरणों में तन पिग्ले,

मेरे पाप मिटा दो सारी बंदिशे हटा तो तेरा दाम पाओ मेरी ज़िंदगी घटा दो ,

काट दो कन्हैया मेरी जन्म जन्म की फेरी,.

छोड़ के जाऊ जब दुनियां सांवरे पलक निहारु छवि तेरी,

श्याम बाबा श्याम बाबा,

भूले न ये दुनिया तुझको तेरा दास कहाऊ,

टूटे दम जब चरण कमल लो तकियाँ श्याम बनाओ,

फिर नींद न आये कोई रोग न सताये मैं न तड़पुं कन्हियाँ जो तू गॉड में उठाये,

मीठी मीठी बाजे फिर श्याम मुरलियाँ तेरी,

छोड़ के जाऊ जब दुनियां सांवरे पलक निहारु छवि तेरी,

श्याम बाबा श्याम बाबा,

जब तक चलती सांसे दुनिया झूठी प्रीत दिखाये,

तन से मन का साथ जो टूटे अपने करीब न आये,

जब हो अपने पराये मेरी आंख भर आये,

बाबा दर्द याहा मिलता ऐसा प्रेम क्यों बनाये,

सोनी को देना बाबा चरणों की सेवा तेरी,

छोड़ के जाऊ जब दुनियां सांवरे पलक निहारु छवि तेरी,

श्याम बाबा श्याम बाबा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।