हे राम मेरे राम हे राम मेरे राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हे राम मेरे राम, हे राम मेरे राम,

हे राम मेरे राम, हे राम मेरे राम,

सत्य जगत बस राम का नाम,

हे राम मेरे राम, हे राम मेरे राम...

कहाँ लखनु कहँ राम सनेही,

कहँ प्रिय पुत्रबधू बैदेही,

बिलपत बिकल अवधपति धाम,

हे राम मेरे राम,हे राम मेरे राम...

हा रघुनन्दन प्राण पिरीते,

तुम्ह बिनु जिअत बहुत दिन बीते,

तुम्हरे बिनु जीवन धिग राम,

हे राम मेरे राम,हे राम मेरे राम....

हा जानकी लखन हा रघुबर,

हा पितु हित चित चातक जलधर,

रघुपति बिरह चहुँ सुरधाम,

हे राम मेरे राम,हे राम मेरे राम,

हे राम मेरे राम, हे राम मेरे राम.....

रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।