किस से नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद

विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किस से नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद

आँखों में ताबे दीद अब बाकी नहीं रहा

किससे नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद...

सारे देवतों का एहतराम भी मेरी निगाह में है

किस किस को सर झुकाऊं, तुम्हे देखने के बाद

किससे नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद...

है लुत्फ़ बस इसी में मज़ा इसी में है

अपना पता ना पाऊं, तुम्हे देखने के बाद

किससे नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद...

मेरा एक तू ही तू है दिलदार प्यारे काहना

झोली कहां फैलाऊँ, तुम्हे देखने के बाद

किससे नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद...

प्यारे यह प्यार तेरा महफ़िल में खींच लाया

महबूब प्यार तेरा महफ़िल में खींच लाया

दिलबर यह प्यार तेरा महफ़िल में खींच लाया

दिल की किसे सुनाऊं, तुम्हे देखने के बाद

किससे नज़र मिलाऊँ तुम्हे देखने के बाद...

साहिल पे रुक ना जाऊं, तुम्हे देखने के बाद

सागर में डूब जाऊं, तुम्हे देखने के बाद

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।