रसिया रोज मेरे घर आवे

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रसिया रोज मेरे घर आवे

बहाना करके होरी को,

करके होरी को सखी री करके होरी को ….

हां रसिया रोज मेरे घर आवे,

बहाना करके होरी को,

आधी रात को आन सखी ये तो ग्वाल बाल के संग,

माखन मेरा खाये गयो सारा मैं तो रह गयी ढंग

हां रसिया रोज मेरे घर आवे,

बहाना करके होरी को ........

फागन में मेरे घर में आए गयो मोको कर दियो तंग,

चुपके से आकर बांह मरोड़ी मुंह पे मल दियो रंग,

हां रसिया रोज मेरे घर आवे.......

बरसाने में होरी खेलन आयो ग्वाल बाल के संग,

लाठ मार के यह भगायो उत्तर गए सब भांग

है..रसिया है..रसिया

हां रसिया रोज मेरे घर आवे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।