हम है श्याम दिवाने

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बदले अगर जो सारी दुनिया बदले चाहे जमाना

नहीं परवाह है मुझको कान्हा बस तु बदल ना जाना

प्रेम ही कारोबार है अपना प्रेम ही करना जाने

हम है श्याम दिवाने.......

हम कीर्तनीया कीर्तन करते, कीर्तन करना जाने,

हम है श्याम दिवाने......

गाँव-गाँव और गली-गली में महिमा श्याम की गावे,

जहाँ-जहाँ हो कीर्तन प्रभु का हम तो वही रम जावे,

मील गई जबसे चरण-चाकरी.....

मील गई जबसे चरण-चाकरी बन-गए हम मस्ताने...

हम है श्याम दिवाने....

श्याम दिवाने शामिल होकर संगत श्याम की गाए,

जय श्री श्याम से करे अभिवादन, सबमे श्याम को पाऐ,

उच-नीच का भेद ना जाने,

उच-नीच का भेद ना जाने, सबको अपना माने...

हम है श्याम दिवाने......

शरण सुदामा के जैसी दो घन्ना की सी लगन,

नानी नरसी सुर कबीरा जैसे हुए है मगन,

"सोहन" मीरा के संदेशे हमे लगे है भाने,

हम है श्याम दिवाने......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।