मैया जी तेरा जगराता झूमे भगत प्यारे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ढोलक बाजे छैना बाजे,

बाजे ढोल नगाड़े मैया जी तेरा जगराता झूमे भगत प्यारे,

गंगा जल से धो कर अंगना तेरा ध्यान लगाया,

रंग बिरंगे फूलो के संग सूंदर भवन सजाया,

दूर करो अब दुरी दाती करदो आशा पूरी दाती,

आ रहे खूब नजारे,

मैया जी तेरा जगराता झूमे भगत प्यारे,

आज गणेश मना के दाती तेरी ज्योत जलाई,

हो गया शुरू तेरा जगराता मस्ती खूब है छाई,

भगत प्यारे भेटे गाये झूमे नाचे ख़ुशी मनाये,

लेते अज़ाब नजारे मैया जी तेरा जगराता झूमे भगत प्यारे,

ढोलक चिंता छैना बाजे हो गया मन मत वाला,

मस्त मलंगा के संग नाचे करमा रोपड़ वाला,

दर्शन दीदार दिखाओ दाती अब न देर लगाओ दाती,

आ रहे खूब नजारे मैया जी तेरा जगराता झूमे भगत प्यारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।