भगत तेरा निशान लेकर आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फागुन की रुत है आई भगतो के मन में छाई,

बाबा की याद है आई मन हो गया खाटू का,

भगत तेरा निशान लेकर आये निशान तेरा मल मल का,

टिक ते नहीं है ज़मीन पे मेरे पाँव रे,

अच्छा नहीं लागे अब घर गली गांव रे,

जब से खाटू धाम गया हु चैन नहीं पल का,

भगत तेरा निशान लेकर आये निशान तेरा मल मल का,

रींगस के रास्ते में उड़ता गुलाल है,

भगतो संग टोलियो में भजनो का साथ है,

फागुन के मेले में मेरा संवारा भी लाल है,

भगत तेरा निशान लेकर आये निशान तेरा मल मल का,

खाटू में पोंछते ही दिखता तोरण द्वार है,

अतुल का ये सपना तूने कर दियांसाकार है,

पग पग पर ये साथ चला है रास्ता दिखाता,

भगत तेरा निशान लेकर आये निशान तेरा मल मल का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।