आज मेरे पिया घर आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चौक पुराओ माटी रंगाओ,

आज मेरे पिया घर आये,

खबर सुनाऊ जो ख़ुशी रे बताऊ जो,

आज मेरे पिया घर आये,

ऐ री सखी मंगल गाओ री धरती अम्बर सजाओ री,

उतरेगी आज मेरे पी की सवारी,

आ री कोई काजल लाओ री मोहे काला टीका लगाओ री,

उनकी चभ से दीखू मैं तो प्यारी,

लक्ष्मी जी वारो नजर उतारो आज मेरे पिया घर आये,

रंगो से रंग मिले नये नये ढंग खिले,

खुशियां आज द्वार मेरे डाले है डेरा,

पीहू पीहू पपीहा रटे,

कुह कुह कोयल जपे,

आंगन आंगन है परियो ने गेरा,

अनहद नाद भजाओ रे सब मिल,

आज मेरे पिया घर आये,

अनहद नाद भजाओ रे सब मिल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।