ईब के फागण मे ठानी खाटू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हावड़ा से चलकर भगतो के संग खाटू हम भी जाएगे,

ईब के फागण मे ठानी खाटू मे होली मनाएगे,

किया किया बडा किया हमने इंतेजार किया ठिक है,

मेला है ये फागण का मन मे विचार किया ठिक है,

भाई बंधु बीवी बच्चे सबको तैयार किया,

मेले मे जाने को लाखो का उधार किया ठिक है,

कुछ भी हो जाए पर ईब तो रोके ना रुक पाएंगे,

ईब के फागण मे ठानी खाटू................

अब तक जो ना खाया शयाम को खिलाएंगे ठिक है ,

भुतनाथ से लिटी चोखा हम ले जाएंगे ठिक है,

बडा बाजार से रसगुल्ला मंगाऐंगे,

श्याम बाजार का संदेश चखाएंगे ठिक है,

ये सब चीजे खाते ही श्याम हम से प्रेम बढाएगे,

ईब के फागण मे ठानी खाटू................

होली ऐसी खेलेंगे शयाम भुल नही पाएगा ठिक है,

फागण तो दुर हर गयारस पे बुलाएगा ठिक है ,

प्रेम का रसीया ये प्रेम निभाएगा,

हारे जो तुम कही पे तो जीत दिलाएगा ठिक है ,

दुनियादारी छोड़ के "टीटू" खाटू मे बस जाएगे,

हावड़ा से चलकर भगतो के संग खाटू हम भी जाएगे ,

ईब के फागण मे ठानी खाटू मे होली मनाएगे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।