तेरा लख लख शुक्र मनावा

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरा लख लख शुक्र मनावा जोगियां लख लख शुक्र मनावा,

तेरे ही गुण गावा जोगियां तेरे ही गुण गावा,

लख लख शुक्र मनावा जोगियां...

आस दिला दी पूरी होइ,

तेरे दर ते मिलदी तोई मैं नचदा दर ते आवा जोगियां,

लख लख शुक्र मनावा जोगियां...

जो मंगया सो तेथो पाया,

दुभदा वेहड़ा पार लगाया,

मैं सद के वारि जावा,

लख लख शुक्र मनावा जोगियां

तेरी किरपा मेरे भाने मैं तकड़ी नु कौन पछाने,

चरनी शीश निभाभा जोगियां

लख लख शुक्र मनावा जोगियां

कलयुग दे विच तारण आया ,

सब दे कारज सवारन आया,

नरेंदर ुग्गी नाम द्यावा,

लख लख शुक्र मनावा जोगियां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।