तेरी नजर हो जो इधर एक बार

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॥ पावन पाठ ॥

तेरी नजर हो जो इधर एक बार,

हम भी खड़े तेरे द्वार ओ साई हम भी खड़े तेरे द्वार,

क्या से क्या हो गई है हालत लोग दीवाना पण कहते है,

तुझको क्या मैं बतलाऊ साई आँखों से आंसू बहते है,

मेरा तू करदे बेडा पार साई हम भी खड़े तेरे द्वारे,

तेरी नजर हो जो इधर एक बार,

दुनिया की क्या चाहत रखु मैंने महोबत तुम से की,

तू चाहे न चाहे मुझको साई वो तेरी मर्जी है,

करता तू सब का उधार, साई हम भी खड़े तेरे द्वारे,

तेरी नजर हो जो इधर एक बार,

चैन सकू मिलता है सब की साई तेरा दरबार में,

पार लगा दे सब को साई जो भी फसे मझदार में,

तुझको है साई सब से प्यार ओ बाबा हम भी खड़े तेरे द्वारे,

तेरी नजर हो जो इधर एक बार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।